भौतिक राशियाँ क्या है – परिभाषा और प्रकार | मूल एवं व्युत्पन्न राशियाँ | मूल एवं व्युत्पन्न मात्रक

दोस्तों विज्ञान की श्रृंखला में आज हमारी वेबसाइट articlehindi.com का टॉपिक भौतिक राशियाँ क्या है – परिभाषा और प्रकार | मूल एवं व्युत्पन्न राशियाँ | मूल एवं व्युत्पन्न मात्रक है। इसे पढ़ने के बाद आपकी इस चैप्टर इससे जुड़ी सभी समस्याएं खत्म हो जाएगी ।

भौतिक राशियाँ क्या है – परिभाषा और प्रकार | मूल एवं व्युत्पन्न राशियाँ | मूल एवं व्युत्पन्न मात्रक

भौतिक राशियाँ क्या है - परिभाषा और प्रकार | मूल एवं व्युत्पन्न राशियाँ | मूल एवं व्युत्पन्न मात्रक
भौतिक राशियाँ क्या है – परिभाषा और प्रकार | मूल एवं व्युत्पन्न राशियाँ | मूल एवं व्युत्पन्न मात्रक

मूल एवं व्युत्पन्न राशियाँ | भौतिक राशियाँ क्या है – परिभाषा और प्रकार | मूल एवं व्युत्पन्न मात्रक

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भौतिक राशियाँ क्या है | what is physical quantities

वे सभी राशियाँ, जिन्हें मापा जा सके तथा जिनके द्वारा विभिन्न भौतिक घटनाओं को नियमों के रूप में समझा तथा व्यक्त किया जा सके, भौतिक राशियाँ (Physical quantities) कहलाती हैं।

उदाहरण- लम्बाई, द्रव्यमान, ताप, वेग, समय आदि।

मात्रक किसे कहते हैं | what is units

किसी भौतिक राशि के उसके निश्चित मानक से तुलनात्मक अध्ययन को मापन कहते हैं तथा इस निश्चित मानक को उस राशि का मात्रक (Unit) कहते हैं।

भौतिक राशि के मात्रक तथा संख्यात्मक मान में सम्बन्ध

भौतिक राशियाँ क्या हैं ये तो हमने जान लिया अब समझ लेते हैं कि भौतिक राशि के मात्रक और उसके संख्यात्मक मान में कोई सम्बंध होता है क्या ।

प्रत्येक भौतिक राशि को व्यक्त करने के लिए निम्नलिखित दो कारकों की आवश्यकता होती है-

(1) उस राशि का मात्रक (Unit), जिसमें उस भौतिक राशि को मापा गया है।
(ii) उस राशि का संख्यात्मक मान (Numerical value), जो उस राशि के परिमाण (Magnitude) को व्यक्त करता है।

उदाहरण-किसी छड़ की लम्बाई 4 मी है, इसका तात्पर्य है कि छड़ की लम्बाई मापने का मात्रक ‘मीटर’ है तथा इसका संख्यात्मक मान ‘4’ है।
यदि हम लम्बाई का मात्रक सेन्टीमीटर अथवा मिलीमीटर में लें, तो छड़ की लम्बाई 400 सेमी (4×100 सेमी) अथवा 4000 मिलीमीटर (4×1000 मिलीमीटर) होगी।

इससे स्पष्ट है कि किसी राशि का मात्रक जितना छोटा होता जाता है, उसका संख्यात्मक मान उतना ही बढ़ता जाता है।

राशि का परिमाण = संख्यात्मक मान x मात्रक

इस प्रकार, किसी भी भौतिक राशि का संख्यात्मक मान उसके मात्रक के परिमाण के व्युत्क्रमानुपाती होता है, अर्थात्
अतः

संख्यात्मक मान ∝ 1 / मात्रक

भौतिक राशियों के प्रकार

भौतिक राशियों के दो प्रकार हैं–

(1) मूल राशियां

(2) व्युत्पन्न राशियां

मूल राशियाँ क्या हैं |  Fundamental Quantities

वे भौतिक राशियाँ, जो अन्य राशियों से स्वतन्त्र होती हैं तथा जिन्हें व्यक्त करने के लिए अन्य भौतिक राशियों की आवश्यकता नहीं होती है, मूल राशियाँ कहलाती हैं।

निम्नलिखित सात राशियाँ, मूल राशियाँ मानी जाती हैं–

(i) लम्बाई (Length) (ii) द्रव्यमान (Mass)
(iii) समय (Time)
(iv) faya ERT (Electric current)
(v) ताप (Temperature), (vi) ज्योति तीव्रता (Luminous intensity)
(vii) पदार्थ की मात्रा (Amount of substance)

मूल मात्रक किसे कहते है | Fundamental Units

Fundamental units या मूल राशियों को व्यक्त करने के लिए उपयोग में लाए गए मात्रक मूल मात्रक कहलाते हैं। ये मात्रक पूर्णतया एक-दूसरे से स्वतन्त्र होते हैं तथा इन्हें परस्पर एक-दूसरे में बदला अथवा सम्बन्धित नहीं किया जा सकता।

मूल मात्रक                           मूल राशियाँ

लम्बाई                                   मीटर
द्रव्यमान                                 किलोग्राम
समय                                     सेकण्ड
ताप                                       केल्विन
ज्योति तीव्रता                         केन्डिला
विद्युत धारा                            एम्पियर
पदार्थ की मात्रा                       मोल

मूल मात्रकों की परिभाषाएँ /
Definitions of Fundamental Units

(1) मानक मीटर / Standard Metre

1 मानक मीटर वह दूरी है, जो शुद्ध क्रिप्टन-86 (Kr-86) से उत्सर्जित
होने वाले नारंगी रंग के प्रकाश की तरंगदैर्ध्य का 16, 50, 763.73 गुना होती है।

1 मानक मीटर = 16, 50, 763.73x Kr-86 की नारंगी रंग के प्रकाश
की तरंगदैर्ध्य

(2) मानक किलोग्राम / Standard Kilogram

एक मानक किलोग्राम पेरिस में माप और तौल के अन्तर्राष्ट्रीय ब्यूरो में
रखे प्लेटिनम-इरीडियम मिश्र धातु से बने एक बेलन के द्रव्यमान के
बराबर है। व्यवहारिक रूप में, 4°C ताप तथा सामान्य वायुमण्डलीय दाब पर 1 लीटर (अर्थात् 10-³ मी³ ) शुद्ध जल का द्रव्यमान 1 किलोग्राम माना जाता है।

अतः परमाणवीय स्केल पर, 1 किलोग्राम, कार्बन-12 (₆C¹²) के 5.0188×10²⁵ परमाणुओं के द्रव्यमान के तुल्य होता है।

1 मानक किलोग्राम = ₆C¹² के 50188×10²⁵परमाणुओं का द्रव्यमान

(3) मानक सेकण्ड / Standard Second

(i) 1 सेकण्ड वह समयान्तराल है, जिसमें परमाणुक घड़ी (Atomic
clock) में सीजियम-133 का परमाणु 9,192,631,770 बार कम्पन
करता है। इसे (s) से प्रदर्शित करते हैं।

(ii) मानक सेकण्ड की परिभाषा सौर दिवस (Solar day) के आधार पर दी जाती है। किसी स्थान पर जब सूर्य अधिकतम ऊँचाई पर होता है, तो उस क्षण को उस स्थान का मध्याह्नन (Afternoon) कहते हैं।
एक मध्याह्नन से अगले मध्याह्नन तक के समय को एक सौर दिवस
कहते हैं। पृथ्वी एक सौर दिवस में अपनी अक्ष अथवा धुरी पर एक
चक्कर पूरा करती है।

अत: 1 सौर दिवस =24x60x60 = 386400 सेकण्ड
इस सौर दिवस का मान पूरे वर्ष नियत नहीं रहता I

इस सौर दिवस का मान पूरे वर्ष नियत नहीं रहता तथा यह प्रतिदिन
बदलता रहता है। अतः सम्पूर्ण वर्ष के सौर दिवसों के समय का योग
करके वर्ष भर के दिनों की संख्या 365.24 से भाग देने पर एक सौर
दिवस का औसत अथवा माध्य समय प्राप्त होता है, जिसे माध्य सौर
दिवस (Mean solar day) कहते हैं।
माध्य सौर दिवस का 86400 वाँ भाग, एक सेकण्ड कहलाता है।
1 सेकण्ड = 1/86400 x माध्य सौर दिवस

(4) मानक ऐम्पियर / Standard Ampere

1 ऐम्पियर विद्युत धारा वह धारा है जो कि निर्वात में 1 मीटर की दूरी पर स्थित दो सीधे, अनन्त लम्बाई के समान्तर तारों में प्रवाहित होने पर, प्रत्येक तार की प्रति मीटर लम्बाई पर तारों के बीच 2 x 10^–7 न्यूटन का बल उत्पन्न करती है।

(5) मानक केण्डिला / Standard Candela

1 केण्डिला मानक प्रकाश स्रोत के खुले मुख के 1 सेमी
क्षेत्रफल की ज्योति-तीव्रता का 1/60 भाग होती है, जबकि प्रकाश स्रोत का ताप प्लेटिनम के गलनांक के बराबर हो।

(6) मानक केल्विन / Standard Kelvin

सामान्य वायुमण्डलीय दाब पर गलते हुए बर्फ के ताप तथा उबलते हुए जल के ताप के अन्तर के सौवें भाग को 1 केल्विन (K) कहते हैं।

(7)  मानक मोल / Standard Mole

1 मोल, किसी पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें उस पदार्थ के अवयवों (परमाणुओं अथवा अणुओं) की वही संख्या हो, जितनी कार्बन-12CA) के 0.012 किग्रा में परमाणुओं की संख्या होती है।

व्युत्पन्न राशियाँ क्या हैं |  Derived Quantities

वे भौतिक राशियाँ, जिनमें एक से ज्यादा मूल राशियाँ समाहित होती हैं, व्युत्पन्न राशियाँ कहलाती हैं। उदाहरण-क्षेत्रफल, आयतन, बल, दाब, चाल आदि।

व्युत्पन्न मात्रक किसे कहते हैं | derived units

व्युत्पन्न राशियों के मात्रक व्युत्पन्न मात्रक कहलाते हैं। व्युत्पन्न मात्रकों को मूल मात्रकों से ही प्राप्त किया जाता है। उदाहरण-क्षेत्रफल का मात्रक, मीटर तथा चाल का मात्रक, मीटर/सेकण्ड आदि।

कुछ भौतिक राशियों के व्युत्पन्न मात्रक, मूल मात्रकों की सहायता से निम्न प्रकार प्राप्त किए जा सकते हैं-

भौतिक राशिसूत्रमात्रक
क्षेत्रफललंबाई × चौड़ाईमीटर
आयतन लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाईमीटर
वेगविस्थापन / समयान्तरालमीटर / सेकंड
त्वरणवेग परिवर्तन / समयान्तरालमीटर / सेकंड
घनत्वद्रव्यमान / आयतनकिलोग्राम / मीटर
बलद्रव्यमान × त्वरणकिलोग्राम – मीटर / सेकंड या न्यूटन
कार्यबल × दूरीकिलोग्राम – मीटर / सेकंड या जूल
शक्ति कार्य / समयकिलोग्राम – मीटर / सेकंड या वाट
दाबबल / क्षेत्रफलकिलोग्राम – मीटर / सेकंड या पास्कल
संवेगद्रव्यमान × वेगकिलोग्राम – मीटर / सेकंड
आवेगबल × द्रव्यमानकिलोग्राम – मीटर / सेकंड या न्यूटन – सेकंड
व्युत्पन्न राशियों के व्युत्पन्न मात्रक



पूरक राशियाँ तथा पूरक मात्रक
Supplementary Quantities and Supplementary Units


मूल राशियों तथा व्युत्पन्न राशियों के अतिरिक्त दो अन्य भौतिक राशियाँ भी होती हैं, जिन्हें पूरक राशियाँ कहते हैं।
उदाहरण- समतल कोण तथा घन कोण।

वे मात्रक जिनका उपयोग पूरक राशियों को व्यक्त करने के लिए किया जाता है, पूरक मात्रक कहलाते हैं।
उदाहरण- रेडियन तथा स्टेरेडियन। पूरक राशियाँ समतल कोण, घन कोण पूरक मात्रक रेडियन, स्टेरेडियन।

मापन की विभिन्न प्रणालियाँ | Different Systems of Measurement

भौतिक राशियों के मापन के लिए निम्नलिखित चार प्रणालियाँ प्रचलित हैं–

1. मीटर-किलोग्राम-सेकण्ड प्रणाली | MKS System

इस प्रणाली में लम्बाई का मात्रक मीटर, द्रव्यमान का मात्रक किलोग्राम
तथा समय का मात्रक सेकण्ड होता है। इंजीनियरिंग एवं औद्योगिक क्षेत्र में इसी प्रणाली का प्रयोग किया जाता है।

2. सेन्टीमीटर-ग्राम-सेकण्ड प्रणाली | CGS System

इस प्रणाली में लम्बाई का मात्रक सेन्टीमीटर, द्रव्यमान का मात्रक ग्राम तथा समय का मात्रक सेकण्ड होता है। इसे मीट्रिक प्रणाली अथवा फ्रांसीसी प्रणाली भी कहते हैं।

3. फुट-पाउण्ड-सेकण्ड प्रणाली | FPS System

इस प्रणाली में लम्बाई का मात्रक फुट, द्रव्यमान का मात्रक पाउण्ड तथा समय का मात्रक सेकण्ड होता है। इस प्रणाली का प्रयोग इंग्लैण्ड में अधिक होता है इसीलिए इसे ब्रिटिश प्रणाली भी कहते हैं।
उपरोक्त तीनों प्रणालियों में लम्बाई, द्रव्यमान और समय मूलभूत राशियों के रूप में लिए जाते हैं।

4. मूल मात्रकों की SI प्रणाली | International System of Fundamental Units

यह पद्धति MKS पद्धति का संशोधित एवं परिवर्धित रूप है, इसलिए इसे परिमेय MKS पद्धति (Rationalised MKS System) भी कहते हैं। वर्तमान में यही प्रणाली प्रयोग में लाई जाती है।
इस पद्धति में सात मूल मात्रक तथा दो पूरक मात्रकों को सम्मिलित किया गया है, जो निम्नलिखित तालिका में दिए गए हैं-

मूल राशियाँ            मूल मात्रक          मूल मात्रक के प्रतीक

लम्बाई                   मीटर                   मी (m)
द्रव्यमान                 किलोग्राम              किग्रा (kg)
समय                     सेकण्ड                     से (s)
ताप                      केल्विन                 केल्विन (K)
ज्योति तीव्रता          केण्डिला                केण्डिला (Ca)
विद्युत धारा              ऐम्पियर                ऐम्पियर (A)
पदार्थ की मात्रा          मोल                   मोल (mol)

पूरक राशियाँ         पूरक मात्रक          पूरक मात्रक के प्रतीक

कोण                      रेडियन                रेडियन (rad)
घन (ठोस) कोण      स्टेरेडियन             स्टेरेडियन (sr)

👉👉 ये भी पढ़ लीजिए

मूल मात्रक और व्युत्पन्न मात्रक में अंतर


Final words

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