बुद्धि का अर्थ और परिभाषाएं / बुद्धि लब्धि का सूत्र व परीक्षण

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(Intelligence) बुद्धि का अर्थ और परिभाषाएं / बुद्धि लब्धि का सूत्र व परीक्षण

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बुद्धि की अवधारणा
Concept of Intelligence

वैयक्तिक भिन्नताओं के आधारों में से एक प्रभावशाली कारक बुद्धि या मानसिक योग्यता है। बुद्धि एक व्यक्ति को दूसरे से भिन्न रखती है। हम दैनिक जीवन में कहते हैं कि वह एक अच्छा नेता है, वह अच्छा शिक्षक है, वह श्रेष्ठ पत्रकार है या वह सफल व्यापारी है। इससे तात्पर्य है कि उसकी बुद्धि बहुत अधिक तीव्र है, जिसका प्रयोग वह विभिन्न क्षेत्रों में करता है। किन्तु दूसरी ओर हम कहते हैं कि अमुक विद्यार्थी तीन विषयों में फेल हो गया तथा अमुक व्यक्ति का व्यवहार मूर्खों जैसा है तो लगता है कि उसकी बुद्धि बलवती नहीं है। इसका सम्बन्ध बुद्धि की तीव्रता तथा निर्बलता से माना जाता है।

अत: बुद्धिमान व्यक्ति वह होता है, जो जीवन की विभिन्न परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम हो। बुद्धि शब्द का प्रयोग हम बोलचाल की भाषा में अनेक प्रकार से करते हैं; जैसे-क्या राम अधिक बुद्धिमान है श्याम से अथवा क्या श्याम का बौद्धिक विकास अधिक हुआ है? इन प्रश्नों के उत्तर देने में यह प्रश्न उठता है कि आखिर बुद्धि क्या है? बुद्धि में कोई एक गुण नहीं होता बल्कि बुद्धि अनेक गुणों का समुच्चय है।

अतः किसी भी व्यक्ति को बुद्धिमान या बुद्धिहीन तब तक नहीं कहना चाहिये, जब तक कि उसके व्यवहार में निहित बुद्धि के अनेक गुणों का परीक्षण न किया जाये। बुद्धि को प्रत्यक्ष रूप से देखा नहीं जा सकता बल्कि उसके प्रभावों को ही देखा जा सकता है। अतः हम कह सकते हैं कि बुद्धि एक परिकल्पनात्मक (Hypothetical) शक्ति है। व्यक्ति बहुधा बुद्धि का उपयोग विभिन्न समस्याओं को समझने और अधिगम करने में तो करता ही है परन्तु बुद्धि का उपयोग जीव अपने दैनिक जीवन की छोटी-छोटी बातों से लेकर बड़ी-बड़ी बातों को समझने और उनके प्रति अनुक्रिया करने में भी करता है।

बुद्धि का अर्थ एवं परिभाषाएं / Meaning of Intelligence

इस बुद्धि के लिये अंग्रेजी में Explanation शब्द आया है, जो Construct के नाम से जाना जाता है। बुद्धि ऐसा मानसिक तत्त्व है, जिसके कारण दो व्यक्तियों के समझने के स्तर में, स्मरण शक्ति में तथा समस्या को हल करने के स्तर में अन्तर होता है। अत: बुद्धि कोई भौतिक तत्त्व नहीं है, यह अभौतिक तत्त्व है जिसे देखा या छुआ नहीं जा सकता, हाँ अनुभव अवश्य किया जा सकता है; जैसे-बिजली है कि नहीं इसका पता पंखे के चलने से लगता है, इसी प्रकार बुद्धि का पता व्यक्ति के व्यवहार से लगता है। बुद्धि की प्रमुख परिभाषाओं को निम्नलिखित प्रकार से देखा जा सकता है-

(1) थॉर्नडाइक (Thorndike) के शब्दों में-“वास्तविक परिस्थिति के अनुसार अपेक्षित प्रतिक्रिया की योग्यता ही बुद्धि है।” “Intelligence is the ability to motive profitable use of past experince.”

(2) टरमैन (Terman) के अनुसार-“अमूर्त वस्तुओं के विषय में सोचने की योग्यता ही बुद्धि है।” “Inteligence is a capacity to think well, to judge well and to be self critical.”

(3) वकिंघम (Wakingham) ने कहा है-“सीखने की शक्ति ही बुद्धि है।” “The power of learning is intelligence.”

(4) बर्ट (Burt) कहते हैं-“नवीन मनो-शारीरिक संयोगों के आयोजन द्वारा अपेक्षाकृत नवीन परिस्थितियों में पुनर्व्यवस्थापन की शक्ति ही बुद्धि है।” “It is the capacity of flex ble adjustment.”

(5) एच. ई. गैरेट (H.E. Garret) के अनुसार-“ऐसी समस्याओं को हल करने की योग्यता ही बुद्धि है, जिनमें ज्ञान और प्रतीकों को समझने और प्रयोग करने की आवश्यकता हो; जैसे-शब्द, अंक, रेखाचित्र, समीकरण और सूत्र ।” “Intelligence is the ability to solve such problems is which needed the understanding and applications of knowledge and symbols such as-word, digit, graph, equation and formulae.”

(6) बिने (Binet) और साइमन (Simon) के शब्दों में-“निर्णय, सद्भावना, उपकरण, समझने की योग्यता, युक्तियुक्त तर्क और वातावरण में अपने को व्यवस्थित करने की शक्ति ही बुद्धि है।” “Capacity to think well, good feeling, judgement, skill for tool, the power of self-adjustment in environment and reasioning is intelligence.”

(7) बेलार्ड (Balard) के अनुसार-“बुद्धि वह मानसिक योग्यता है, जो कि ज्ञान रुचि और आदतों रूपी साधनों द्वारा मापी जा सकती है।” “Intelligence is the mental ability which can be measured by knowledge, interest and resources of habits.”

(8) वुडवर्थ (Woodworth) के अनुसार-“बुद्धि कार्य करने की एक विधि है।”

(9) वुडरो (Woodrow) के मत में...”बुद्धि ज्ञान का अर्जन करने की क्षमता है।”

(10) गाल्टन (Galton) के अनुसार-“बुद्धि पहचानने तथा सीखने की शक्ति है।”

(11) डीयरबॉर्न (Dearborn) के शब्दों में-“बुद्धि, सीखने या अनुभव से लाभ उठाने की क्षमता है।”

उपर्युक्त विद्वानों के मत अपने-अपने दृष्टिकोण से बुद्धि की व्याख्या करते हैं। यदि गहरायी से देखा जाय तो बुद्धि एक प्रकार का निष्पादन है; जैसे-सीखने की योग्यता, नवीन परिस्थितियों में अपने ज्ञान को उपयोग में लाने की योग्यता तथा समस्याओं को हल करने की योग्यता । इस प्रकार बुद्धि एक सामान्य योग्यता है। इस योग्यता से व्यक्ति स्वयं को तथा दूसरे को समझता है। सच यह है कि सामाजिक तथा वैयक्तिक परिवेश में अन्तः क्रियात्मक गतिशीलता तथा क्षमता का नाम बुद्धि है।

बुद्धि की प्रकृति या स्वरूप
Nature of Intelligence

आज तक उपलब्ध सामग्री के आधार पर बुद्धि का स्वरूप तथा इसकी प्रकृति क्या है? इसका वर्णन हम निम्नलिखित प्रकार से करेंगे-

1. सीखने की योग्यता (Ability of learning)-

भारतीय मनीषियों एवं ऋषियों ने ‘ज्ञान’ को जीवन का प्रमुख साधन एवं साध्य माना है। अत: जो व्यक्ति अधिक से अधिक ज्ञान ग्रहण कर लेता है, उसे समाज उच्च स्थान देता है। मनोवैज्ञानिकों ने अधिक से अधिक ज्ञान को ग्रहण करने वाली योग्यता को ही ‘बुद्धि’ माना है।

2. समस्या समाधान की योग्यता (Ability to solve the problem)-

प्रत्येक व्यक्ति को विकास के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना होता है, जो व्यक्ति इन समस्याओं पर जितनी शीघ्र विजय प्राप्त कर लेता है या उनसे छुटकारा प्राप्त कर लेता है, वही सबसे अधिक बुद्धिमान माना जाता है। अतः समस्या समाधान में प्रयोग की गयी योग्यता ही ‘बुद्धि’ है। जैसा रायबर्न ने लिखा है-“बुद्धि वह शक्ति है, जो हमको समस्याओं का समाधान करने और अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने की क्षमता देती है।” “Intelligence is the power which unable us to solve problems and to achieve our purposes.

3. अमूर्त चिन्तन की योग्यता (Ability to think abatractly)-

प्रत्येक व्यक्ति दो प्रकार से चिन्तन प्रक्रिया को अपनाता है। प्रथम-मूर्त रूप से चिन्तन करके ज्ञान प्राप्त करना और द्वितीय-अमूर्त रूप से चिन्तन करके। अमूर्त रूप से तात्पर्य है, जो वस्तुएँ हमारे समक्ष नहीं हैं, उनका कल्पना तथा स्मृति के आधार पर ज्ञान प्राप्त करना। अत: अमूर्त चिन्तन में जो व्यक्ति अधिक सफल होता है, उसे बुद्धिमान कहा जाता है। जैसा कि टरमन (Terman) ने कहा है-“एक व्यक्ति उसी अनुपात में बुद्धिमान होता है, जितनी उसमें अमूर्त चिन्तन की योग्यता होती है” “An individual is intelligent in proportion as he is able to carry on abstract ‘thinking.

4. पर्यावरण से सामंजस्य की योग्यता (Ability of adjustment with environment)-

प्रत्येक व्यक्ति जीवन में विकास करता है। विकास के साथ सफलताएँ और असफलताएँ दोनों ही आती हैं। जो व्यक्ति दोनों में समाजीकरण एवं सामंजस्य स्थापित करते हुए विकास करता है, उसे बुद्धिमान व्यक्ति माना जाता है या जो जितनी शीघ्र पर्यावरण को अपने अनुकूल कर लेता है। जैसा कि विलियम स्टर्न ने लिखा है-“जीवन की परिस्थितियों और नवीन समस्याओं में सामान्य मानसिक अनुकूलन ही बुद्धि है।”
“Intelligence is a general mental adoptability to new problems and conditions of life.”

बुद्धि के स्वरूप को निर्धारित करते समय सृजनात्मकता (Creativity) पर विशेष ध्यान देते हैं। यह ऐसा तत्व है, उसके अन्तर्गत सभी पूर्व मत सीखना, सामंजस्य, अमूर्त चिन्तन और समस्या समाधान आते हैं। इसके अतिरिक्त इसका क्षेत्र विस्तृत है। यह किसी भी व्यक्ति की किसी एक योग्यता का निर्धारण नहीं करती, बल्कि सम्पूर्ण मानसिक योग्यताओं का निर्धारण करती है चाहे वे जन्मजात हों या अर्जित । अतः हम बुद्धि की प्रकृति के सम्बन्ध में कह सकते हैं- “बुद्धि एक व्यक्ति की जन्मजात योग्यता है, जिसका प्रकटीकरण सृजनात्मकता के द्वारा होता है।”

बुद्धि की विशेषताएँ या गुण
Characteristics of Intelligence

बुद्धि की विशेषताओं को स्पष्ट करने से पूर्व बुद्धि के सम्बन्ध में दो परिभाषाएँ प्रस्तुत हैं-

(1) वैशलर (Wechsler) के अनुसार-“बुद्धि एक व्यक्ति की सोद्देश्य कार्य करने,तर्क पूर्व सोचने और अपने पर्यावरण के साथ भली प्रकार व्यवहार करने की समुच्चय या ध्रुवीय योग्यता है।” “Intelligence is the aggregate or global capacity of the individual to act purposefully, to think rationally and to deal effectively with his environment.”

(2) स्टोडार्ड (Stoddard) के शब्दों में-“बुद्धि उन कार्यों को करने की योग्यता है,जिनमें कठिनाई, जटिलता, अमूर्तता, लक्ष्य प्राप्ति में अनुकूलन, सामाजिक मूल्य, मितव्ययता तथा मौलिकता का उद्गम होता है और विशिष्ट परिस्थितियों में ऐसे कार्यों को बनाये रखने की योग्यता है, जिनमें शक्ति को एकाग्र करने एवं संवेगात्मक बलों पर नियन्त्रण रखने की आवश्यकता होती है।”

‘वैशलर एवं स्टोडार्ड’ की परिभाषाओं का यदि हम विश्लेषण करें तो बुद्धि को निम्नलिखित विशेषताएँ स्पष्ट होती है-

1. जन्मजात योग्यता-बुद्धि जन्मजात होती है। प्रत्येक व्यक्ति इसे जन्म से लेकर ही उत्पन्न होता है। पर्यावरण का सहयोग उसे प्रखर करता है। विभिन्न विद्वानों ने इसके विकास को किशोरावस्था का मध्यकाल माना है।

2. एकीकरण-बुद्धि की रचना अनेक प्रकार की योग्यताओं के एकीकरण से होती है। व्यक्ति के प्रत्येक कार्य पर बुद्धि का प्रभाव पड़ता है। इसीलिये इसे समुच्चय या ग्लोबीय योग्यता कहते हैं।

3. लक्ष्य प्राप्ति-बुद्धि सदैव व्यक्ति को लक्ष्य प्राप्त करने में सहायता देती है।

4. समायोजन-बुद्धि के द्वारा ही व्यक्ति की सफलताओं असफलताओं में समायोजन स्थापित करता है था तो वह स्वयं में परिवर्तन कर लेता है या पर्यावरण में परिवर्तन कर देता है।

5.कठिनता एवं जटिलता-कठिनता से तात्पर्य है कि शारीरिक आयु के साथ-साथ कठिन कार्यों को करने की क्षमता स्वतः ही उत्पन्न होनी चाहिये। जटिलता से यह तात्पर्य है कि कितने कार्यों को सफलतापूर्वक किया जा सकता है? जो व्यक्ति अधिक से अधिक कार्यों को कर सकता है, उसे अधिक बुद्धिमान माना जाता है।

6. अमूर्तता-प्रतीकात्मक चिन्तन करना ही अमूर्तता है। यह बुद्धिमान व्यक्तियों का विशिष्ट लक्षण माना जाता है।

7. मितव्ययता-इससे तात्पर्य है कि जो व्यक्ति कम समय में अधिक कार्य कर लेते हैं, वे बुद्धिमान व्यक्ति कहलाते हैं।

8. सामाजिक मूल्य-बुद्धिमान व्यक्ति समाज का विरोधी हो सकता है, परन्तु सामाजिक मूल्यों का नहीं। अत: व्यक्ति सामाजिक मूल्यों को स्वत: ही ग्रहण करता है।

9. मौलिकता का उद्गम-इसका अर्थ है कि व्यक्ति में नवीन एवं भिन्न योग्यताओं का निर्माण करने की क्षमता हो; जैसे-नवीन वैज्ञानिक नियम का विकास करना, मशीन की डिजायन बनाना आदि।

संक्षेप में बुद्धि की विशेषताओं के बारे में हम कह सकते हैं कि-

(1) बुद्धि व्यक्ति की जन्मजात शक्ति है।

(2) बुद्धि सीखने की योग्यता प्रदान करती है।

(3) बुद्धि समायोजन की योग्यता प्रदान करती है।

(4) बुद्धि समस्याओं के समाधान की योग्यता प्रदान करती है।

(5) बुद्धि अनुभव से लाभ उठाने की योग्यता प्रदान करती है।

(6) बुद्धि वातावरण से सामंजस्य करने की योग्यता देती है।

(7) बुद्धि व्यक्ति को जटिल परिस्थितियों से लड़ना सिखाती है और जटिल समस्याओं को सरल बनाती है।

(8) बुद्धि भले-बुरे,सत्य-असत्य तथा नैतिक-अनैतिक कार्यों में अन्तर करने की योग्यता देती है।

(9) बुद्धि पर वंशानुक्रम और वातावरण का प्रभाव पड़ता है।

(3) कॉल्सेनिक (Kolsenik) के अनुसार-“बुद्धि कोई एक शक्ति या क्षमता या योग्यता नहीं है, जो सभी परिस्थितियों में समान रूप से कार्य करती है वरन् विभिन्न योग्यताओं का योग है।” अर्थात् बुद्धि समस्त योग्यताओं का योग है, जो सभी परिस्थितियों
में समान रूप से कार्य करती है।

बुद्धि को प्रभावित करने वाले कारक

(1) वंशानुक्रम (heredity)
(2) वातावरण (environment)
(3) आयु (age)
(4) प्रजाति (race)
(5) लिंग (sex)

बुद्धि-लब्धि एवं उसका मापन
Intelligence Quotient and It’s Measurement

बुद्धि-लब्धि बालक में स्थित बुद्धि की मात्रा का मापन है। टरमैन ने मानसिक आयु के बदले बुद्धि-लब्धि की विधि खोजी और सूत्र निकाला। बुद्धि-लब्धि निकालने के लिये मानसिक आयु को वास्तविक आयु से भाग दिया जाता है; जैसे-
बुद्धि लब्धि (I.Q.) = मानसिक आयु (M.A.) X100 ÷ वास्तविक आयु (C.A.)

बुद्धि-लब्धि प्रतिभा का सूचकांक है। प्रतिभा की यह मात्रा या मानसिक अभिवृद्धि टूरमैन द्वारा बनायी गयी एवं डॉ. मैरिलक द्वारा स्वीकृत की गयी तालिका द्वारा प्रदर्शित की गयी है-

बुद्धि-लब्धि                          प्रतिभा

140-169                           अति प्रतिभाशाली
120-139                           प्रतिभाशाली
110-119                            अति उत्कृष्ट
90-109                            उत्कृष्ट
80-89                             सामान्य
70-79                                मन्द
60-69                               मूर्ख
50-59                              निर्बल बुद्धि
25-49                               हीन बुद्धि
0-24                                जड़

बर्ट ने अपनी पुस्तक ‘मानसिक तथा शिक्षा-लब्धि परीक्षण’ में बुद्धि के आधार पर वर्गीकरण तथा शिक्षा की आयु एवं शिक्षा-लब्धि को स्पष्ट किया। इसे विभिन्न बुद्धि परीक्षणों से मापा जाता है।

बुद्धि का विभाजन
Intelligence Dividation

(1) ‘टरमैन तथा’ मैरिल ने बुद्धि का विभाजन अपने एक सर्वेक्षण के आधार पर किया। आपने 3184 छात्रों पर प्रयोग करके बुद्धि विभाजन निम्नलिखित रूप से प्रस्तुत किया-

बुद्धि लब्धिवितरण
140 या इससे अधिकप्रतिभाशाली (genius)
121-140प्रखर बुद्धि (superior)
111-120तीव्र बुद्धि (above average)
91-110सामान्य बुद्धि (average)
81-90मंद बुद्धि (feeble minded)
71-80अल्प बुद्धि (dull)
71 से कमजड़ बुद्धि (idiot)


(2) वैश्लर द्वारा बुद्धि का विभाजन

I.Q. (बुद्धि लब्धि)वितरण
130 या इससे ऊपरअति श्रेष्ठ बुद्धि अर्थात प्रतिभाशाली बालक
120-129श्रेष्ठ बुद्धि
110-119उच्च सामान्य बुद्धि
90-109सामान्य बुद्धि
80-89मंद बुद्धि
70-79क्षीण बुद्धि
69 से नीचेनिश्चित क्षीण बुद्धि

                                        निवेदन

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